
UPTET 2026 Exams के लिए
संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत – जीन पियाजे
(UPTET 2026 के लिए Notes)
1. संज्ञानात्मक विकास (Cognitive Development)
सोचने, समझने, तर्क करने और समस्या समाधान की क्षमता का विकास
इसमें शामिल: स्मृति, ध्यान, भाषा, कल्पना
सरल शब्दों में:
बच्चा दुनिया को कैसे समझता है
2. जीन पियाजे के मुख्य विचार
बच्चा Active Learner होता है
बच्चा खुद अनुभव से सीखता है
विकास चरणों (Stages) में होता है
हर उम्र में सोचने का तरीका अलग होता है
3. प्रमुख अवधारणाएँ (Key Concepts)
(1) स्कीमा (Schema)
दिमाग में बनी जानकारी का ढांचा
उदाहरण: कुत्ते को पहचानना
(2) समावेशन (Assimilation)
नई जानकारी को पुराने ज्ञान में जोड़ना
उदाहरण: बिल्ली को भी कुत्ता कहना
(3) समायोजन (Accommodation)
पुराने ज्ञान को बदलकर नया सीखना
अब बच्चा समझता है: बिल्ली अलग है
(4) संतुलन (Equilibration)
सीखने में संतुलन बनाना
Assimilation + Accommodation
4. संज्ञानात्मक विकास के चरण (Stages)
1. संवेदी-प्रेरक अवस्था (0–2 वर्ष)
इंद्रियों और क्रियाओं से सीखना
वस्तु स्थायित्व (Object Permanence) विकसित होता है
उदाहरण:
खिलौना छुपाने पर बच्चा उसे ढूंढता है
2. पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (2–7 वर्ष)
भाषा और कल्पना का विकास
बच्चा स्वकेन्द्रित (Egocentric) होता है
संरक्षण (Conservation) की समझ नहीं होती
उदाहरण:
लंबे गिलास में पानी ज्यादा लगता है
3. ठोस संक्रियात्मक अवस्था (7–11 वर्ष)
तार्किक सोच विकसित होती है
संरक्षण (Conservation) समझ आता है
वर्गीकरण और क्रमबद्धता
उदाहरण:
पानी की मात्रा समान समझता है
4. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11+ वर्ष)
अमूर्त (Abstract) सोच विकसित
कल्पनात्मक और वैज्ञानिक तर्क
Hypothetical thinking
उदाहरण:
“अगर ऐसा हो तो क्या होगा?” सोच सकता है
5. शिक्षा में उपयोग (Teaching Implications)
Learning by Doing
Activity-based learning
Concrete → Abstract
बच्चों के स्तर के अनुसार पढ़ाना
