1. संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत– जीन पियाजे (स्विट्जर्लैंड)
2. नैतिक विकास का सिद्धांत– लारेंस कोहलबर्ग (लघु कहानिया– तीन अवस्थाएं)
3. सामाजिक विकास का सिद्धांत– वाइगोत्सकी (ZPD, Scaffolding)
4. मनोसामाजिक विकास सिद्धांत– एरिक्सन (8 अवस्थाएं)
5. मनोलैंगिक विकास का सिद्धांत– सिगमंड फ्रायड
6. सामाजिक अधिगम का सिद्धांत– अल्बर्ट बंडूरा
7. भाषा विकास का सिद्धांत– चोमस्की
